एएमयू इंतजामिया करा सकता है वैकल्पिक परीक्षा

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कोरोना की वजह से अंतिम वर्ष के विद्यार्थियों पर गम्भीर
राजीव शर्माअ । कोरोना वायरस के दृष्टिगत राष्ट्रव्यापी तालाबंदी बढ़ोत्तरी किये जाने के बाद अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर तारिक मंसूर ने कहा है कि विश्वविद्यालय विशेष रूप से अंतिम वर्ष के छात्र व छात्राओं की परीक्षा कराने के सभी वैकल्पिक तरीकों पर विचार कर रहा है। जिसमें आनलाइन परीक्षाऐं भी शामिल हैं।
कुलपति ने कहा कि विश्वविद्यालय अंतिम वर्ष के छात्र व छात्राओं की परीक्षा और विभिन्न कोर्सों की प्रवेश परीक्षाओं को प्राथमिकता देगा। उन्होंने कहा कि कोविड-19 (कोरोना वायरस) संक्रमण के दृष्टिगत सार्वजनिक स्वास्थ्य संबंधी परिस्थितयों को ध्यान में रखते हुए उचित परामर्श के बाद विचार किया जाएगा।
विश्वविद्यालय के शिक्षक, छात्र, उनके अभिभावकों और अमुवि बिरादरी के नाम जारी एक एक पत्र में प्रोफेसर तारिक मंसूर ने कहा कि मानव संसाधन विकास मंत्रालय, विश्वविद्यालय अनुदान आयोग, भारत सरकार ने इस मामले पर विचार करने के लिये दो विशेषज्ञ समितियों का गठन किया है। इनमें से एक समिति ऑनलाइन टीचिंग और ऑनलाइन परीक्षा से संबंधित मामलों के लिए गठित की गई है, जबकि दूसरी अकादमिक कैलेण्डर को सुचारू बनाने के लिये कार्य करेगी। इन दोनों विशेषज्ञ कमेटियों की जल्द ही रिपोर्ट आने के उपरान्त इस मुश्किल घड़ी में छात्रों के हित में उचित निर्णय लिये जाऐंगे।
कुलपति ने शिक्षकों से कहा कि वह वर्तमान समस्याओं को अवसर में बदलें तथा वर्चुअल शिक्षण, अध्ययन तथा परीक्षा के नये तरीकों को सीखें। उन्होंने कहा कि जो शिक्षक गूगिल क्लासरूम, हैंगआउट, जिटसी तथा जूम आदि जैसे आनलाइन माध्यमों द्वारा छात्रों को शिक्षण प्रदान कर रहे हैं। वह सराहनीय हैं तथा अन्य शिक्षकों को भी चाहिये कि बिना देर किये शिक्षण के इन आधुनिक तरीकों को अपनाऐं।
उन्होंने कहा कि वर्तमान परिस्थितियों में आवश्यक है कि आनलाइन शिक्षण एवं अध्ययन के तरीकों को जिस प्रकार भी संभव हो अपनाया जाए तथा पाठ्यक्रम के बचे हुए भाग को इस मुशिकल परिस्थिति में जल्द से जल्द पूरा किया जाए।
कुलपति ने कहा कि यद्पि हमें कुछ क्षेत्रों में इंटरनेट कनेक्शन की होने वाली कठिनाइयों का आभास है इसके बावजूद हमें आनलाइन शिक्षण-अध्ययन के तरीके को अधिकाधिक अपनाने का प्रयास करना चाहिये। क्योंकि आने वाले कुछ समय में विश्वविद्यालयों के लिये कक्षाओं तथा प्रयोगशालाओं में वास्तविक पढ़ाई का आयोजन करना संभव नहीं होगा। उन्होंने कहा कि शिक्षकों को छात्रों के शैक्षणिक हितों की सुरक्षा के लिये, विशेषकर अंतिम वर्ष के छात्रों के लिये त्याग के लिये तैयार रहना चाहिये।
कुलपति ने कहा कि इस स्थिति में कि जब इस संक्रमण के कुछ समय तक बने रहने की संभावना है तथा व्यक्तिगत दूरी बनाए रखना आवश्यक है, हमारे लिये अधिक आवश्यक यह है कि हम लोगों को होने वाली समस्याओं को चिन्हित करने के बजाए आनलाइन शिक्षण एवं परीक्षा के क्षेत्र में नवीन उपकरणों के साथ उनका समाधान प्रदान करने के लिये कार्य करें।
कुलपति ने कहा कि विभिन्न विभागों में जो शिक्षक आधुनिक टैक्नालोजी के प्रयोग में दक्षता नहीं रखते उनको दक्षता प्राप्त अन्य शिक्षक सहायता प्रदान करें तथा इस सम्बन्ध में विभागाध्यक्ष अपने स्तर पर दो तीन शिक्षकों का समूह गठित कर बाकी शिक्षकों को प्रशिक्षण प्रदान करें। उन्होंने कहा कि इस परिप्रेक्षय में युवा शिक्षक महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं, साथ ही आनलाइन शिक्षा की ऐसी व्यवस्था तैयार हो जाए जिस पर उच्च शिक्षा भविष्य में निर्भर करेगी।
कुलपति ने कहा कि विश्वविद्यालय में यूजीसी एचआरडी सेंटर/कम्प्यूटर सेंटर द्वारा शिक्षकों को आनलाइन शिक्षण में प्रशिक्षण प्रदान करने के लिये ओरियंटेशन कोर्स की व्यवस्था की जा रही है जो सीएएस/डायरेक्ट कैडर के अन्तर्गत शिक्षकों के प्रमोशन में भी सहायक होगा।
प्रोफेसर मंसूर ने कहा कि शिक्षकों को टैक्नालोजी प्रशिक्षण प्रदान करने के लिये वैबसाइट कमेटी/कम्प्यूटर सेंटर द्वारा हैल्पलाइन की भी व्यवस्था की गई है तथा सभी संकायों एवं विभागों को परामर्श दिया जाता है कि वह महत्वपूर्ण शैक्षणिक विषयों पर वेबीनार का आयोजन करें ताकि इस शिक्षा दीक्षा की व्यवस्था में गति लाई जा सके। इन वेबीनार्स के आमंत्रण एवं कार्यवाही की रिपोर्ट विश्वविद्यालय की वेबसाइट पर तथा विश्वविद्यालय से सम्बन्धित अन्य सोशल मीडिया फोरम्स पर प्रकाशित की जाए।
उन्होंने कहा कि अमुवि के शिक्षक एवं छात्र अन्य विश्वविद्यालयों तथा संगठनों द्वारा आयोजित इसी प्रकार के वेबीनार्स में भाग ले सकते हैं।
हालांकि विभिन्न विश्वविद्यालयों के क्षेत्रीय, सरंचनात्मक तथा छात्रों की विविधता के आधार पर इस प्रकार के उपक्रमों द्वारा प्रस्तावित समाधानों में अन्तर हो सकता है।
कुलपति प्रोफेसर तारिक मंसूर ने सभी शिक्षकों, कर्मचारियों तथा छात्रों से आग्रह किया है कि वह भारत सरकार द्वारा सामाजिक दूरी तथा तालाबंदी से सम्बन्धित निर्देशों का सख्ती से पालन करें तथा समय समय पर हाथ धोने तथा मास्क पहन कर सार्वजनिक स्थानों पर जाने की पाबन्दी कर व्यक्तिगत सुरक्षा के नियमों को अपनाऐं।
ऑनलाइन होंगे सेशनल
अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय में विभिन्न पाठ्यक्रमों पर आधारित आनलाइन असाइनमेंट, क्विज तथा अन्य टेस्ट द्वारा सेशनल परीक्षाऐं पूर्ण की जायेंगी। यह जानकारी प्रदान करते हुए परीक्षा कंट्रोलर श्री मुजीब उल्लाह जुबैरी ने बताया कि यह निर्णय कुलपति प्रोफेसर तारिक मंसूर द्वारा एकेडमिक कौन्सिल की ओर से लिया गया है। उन्होंने कहा कि यह निर्णय विभिन्न संकायों के अधिष्ठाताओं, विभागाध्यक्षों तथा शिक्षकों द्वारा इस सम्बन्ध में जानकारी प्राप्त करने के दृष्टिगत लिया गया है।

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