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अलीगढ़ 10 सितम्बरः अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के शिक्षा विभाग द्वारा शिक्षक दिवस के अवसर पर एक राष्ट्रीय वेबिनार का आयोजन किया गया जिसमें विशेषज्ञों ने राष्ट्रीय विकास में शिक्षकों की भूमिका पर प्रकाश डालते हुए कहा कि छात्रों के बौद्धिक विकास में शिक्षकों के व्यवहार, गुण और शैक्षणिक क्षमता और कौशल की महत्वपूर्ण भूमिका होती है।

मुख्य भाषण प्रस्तुत करते हुए प्रोफेसर मुहम्मद अख्तर सिद्दीकी (जामिया मिलिया इस्लामिया, नई दिल्ली) ने कहा कि अच्छे शिक्षकों की छवि छात्रों पर गहरी होती है जिसके कारण नई पीढ़ी देश के विकास में सकारात्मक भूमिका निभाती है। उन्होंने कहा कि शिक्षकों से छात्र जो कुछ सीखते है वह उनके सामान्य जीवन में दिखाई पड़ता है। उन्होंने कहा कि वास्तव में कक्षा में ही राष्ट्र निर्माण होता है। उन्होंने कहा कि नई शिक्षा नीति में बुनियादी ढांचे और मानकीकरण पर विशेष बल दिया गया है।

कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए प्रोफेसर निसार अहमद खान (डीन, फैकल्टी ऑफ सोशल साइंसेज) ने शिक्षा व्यवस्था को होने वाली चुनौतियों पर चर्चा की। उन्होंने आवश्यक परिवर्तनों पर प्रकाश डालते हुऐ कहा कि हमारे स्कूलों में गुणवत्तापूर्ण सुविधाओं की सख्त आवश्यक्ता है।

पैनल चर्चा में प्रोफेसर निगहत बसु (केंद्रीय विश्वविद्यालय कशमीर), प्रोफेसर रामाकर रायजादा (आरआईई, भोपाल), प्रोफेसर शेफाली पांड्या (मुंबई विश्वविद्यालय), प्रोफेसर परवीन अख्तर पंडित (केन्द्रीय विश्वविद्यालय कशमीर) तथा प्रोफेसर यासमीन गनी (लेएलयू स्कूल आफ एजूकेशन भोपाल) ने भाग लिया।

विभागाध्यक्ष प्रो नसरीन ने स्वागत भाषण दिया जबकि डा० रजिया बी ने वेबिनार के उद्देश्यों पर प्रकाश डाला। डॉ0 पूनम चैहान ने आभार व्यक्त किया।

कार्यशाला में रखे विचार

अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के शिक्षा विभाग द्वारा 21-22 सितंबर 2020 को “कोविड-19 के दौरान आईसीटी टीचिंग स्किल्स” विषय पर एक राष्ट्रीय ई-कार्यशाला का आयोजन किया जा रहा है।

अमुवि कुलपति प्रोफेसर तारिक मंसूर कार्यशाला के मुख्य संरक्षक हैं तथा प्रोफेसर निसार अहमद खान (डीन, सामाजिक विज्ञान संकाय) सहायक संरक्षक हैं, जबकि विभागाध्यक्ष प्रोफेसर नसरीन कार्यशाला की निदेशक हैं और प्रोफेसर साजिद जमाल समन्वयक हैं।

कार्यशाला की आयोजन सचिव डॉ। शाजिया मंसूरी के अनुसार, प्रोफेसर अहरार हुसैन मुख्य भाषण प्रस्तुत करेंगे जबकि अन्य विशेषज्ञ कार्यशाला में अपने विचार व्यक्त करेंगे।

कार्यशाला में भाग लेने के लिए कोई पंजीकरण शुल्क नहीं है। कार्यशाला में शिक्षा विभाग से जुड़े छात्र, शोध छात्र तथा शिक्षक http://forms.gle/qfyxdFfbJAJbRPtg9 पर पंजीकरण कर सकते हैं। अधिक जानकारी के लिए, amuictwebinar2020@gmail.com पर संपर्क करें।

पुस्तक का विमचन

अलीगढ़ 10 सितम्बरः अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी के जवाहर लाल नेहरू मेडिकल कालेज, के फार्माकोलोजी विभाग के प्रोफेसर सैयद जिया-उर-रहमान की पुस्तक “फार्माकोलोजी आफ ऐविसिनियन ड्रग्स” का हाल ही में विमोचन किया गया।

इब्ने सीना की 1,000 साल पुरानी पांडुलिपि, रिसाला अल-अदविया अल-कलबिया पर आधारित इस पुस्तक में हृदय तथा रक्त वाहिनी शिराओं से सम्बन्धित रोगों के लिये इब्ने सीना द्वारा प्रस्तावित औषधियों तथा उनके प्रभावों पर चर्चा की गई है।

पुस्तक का विमोचन करते हुए प्रोफेसर एम०यू० रब्बानी (अध्यक्ष, कार्डियोलॉजी विभाग) ने कहा कि प्रोफेसर जिया-उर-रहमान ने इब्ने सीना द्वारा उल्लेखित 63 विभिन्न औषधियों पर एक आधुनिक दृष्टिकोण प्रस्तुत किया है।

यह पुस्तक हृदय और रक्त वाहिकाओं और औषधीय पौधों के रोगों पर शोध के लिए एक नया दृष्टिकोण प्रदान करती है। पुस्तक का प्राक्कथन प्रोफेसर एम० यूसुफ अमीन द्वारा लिखा गया है। इस अवसर पर अपने विचार व्यक्त करते हुए उन्होंने कहा कि लेखक ने कार्डियोलोजी तथा मनोविज्ञान के मौलिक सिद्धांतों को जोड़ने का प्रयत्न किया है।

लेखक प्रोफेसर सैयद जिया-उर-रहमान ने कहा कि हृदय रोग से सम्बन्धित इब्ने सीना द्वारा प्रस्तुत की गई जानकारी, विचार तथा अनुभव तथा बीमारी के इलाज के उनके तरीके आज भी महत्वपूर्ण तथा प्रासांगिक हैं। उन्होंने कहा कि इब्ने सीना ने हृदय तथा मानसिक रोगों के बारे में विस्तार से चर्चा की है तथा इन रोगों का प्राकृतिक उपचार भी सुझाया है। उन्होंने कहा कि  आधुनिक चिकित्सा पद्धति के चिकित्सकों के लिए आवश्यक है कि उपचार के इन तरीकों पर आधुनिक दृष्टिकोण से विचार करें।

नई शिक्षा नीति से नागरिकों का निर्मण

अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के दर्शनशास्त्र विभाग के सहायक प्रोफेसर, बोधिंद्र कुमार ने डा० भीम राव अंबेडकर विश्वविद्यालय, आगरा तथा श्री टीकाराम कन्या महाविद्यालय, अलीगढ़ द्वारा संयुक्त रूप से “नई शिक्षा नीति 2020” पर आयोजित एक वेबिनार में व्याख्यान प्रस्तुत किया।

नैतिकता तथा नई शिक्षा नीति पर टिप्पणी करते हुए श्री बुद्धिंद्र कुमार ने कहा कि नई शिक्षा नीति का उद्देश्य ऐसे नागरिकों का निर्माण करना है जो भारत के संविधान के अनुसार देश और राष्ट्र के निर्माण मंे अपनी भूमिका निभा सकते हैं। उन्होंने नैतिकता के विभिन्न सिद्धांतों, निर्णय लेने में इसकी भूमिका और छात्रों के भीतर नैतिक मूल्यों की भावना के महत्व पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने छात्रों और शिक्षकों के बीच नैतिक मूल्यों को विकसित करने में सरकार के सामने आने वाली चुनौतियों पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने ध्यान तथा योग, व्यवसायिक शिक्षा तथा कौशल के विकास को पाठ्यक्रम में शामिल करने पर बल दिया।

प्रवेश परीक्षा की संशोधित तारीख

अलीगढ़ 10 सितम्बरः अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय द्वारा अलीगढ़ तथा अन्य शहरों में आयोजित की जाने वाली प्रवेश परीक्षाओं की संशोधित तारीखों की घोषणा कर दी गई है।

संशोधित कार्यक्रम के अनुसार सीनियर सेकन्ड्री स्कूल (विज्ञान तथा डिप्लोमा इन इंजीनियरिंग) की प्रवेश परीक्षा प्रातः 10 बजे से 12 बजे तक तथा सीनियर सेकन्ड्री स्कूल (ह्यूमनिटीज़ एण्ड कामर्स) और एमबीए, एमबीए (इंटरनेशनल बिजनेस) एवं एमबीए (इस्लामिक बैंकिंग एंड फाइनेंस) की प्रवेश परीक्षा अपराहन तीन बजे से 5 बजे तक 1 नवंबर 2020 को आयोजित की आएगी।

इसके अतिरिक्त बैचलर इन एजुकेशन में दाखिले के लिए परीक्षा 2 नवंबर को दोपहर 3 बजे से शाम 5 बजे तक होगी जबकि 8 नवंबर को बीएससी (आनर्स) तथा बीकॉम (ऑनर्स) के लिए प्रवेश परीक्षा प्रातः 10 बजे से दोपहर 12 बजे तक होगी जबकि बीए (ऑनर्स) की प्रवेश परिक्षा इसी दिन दोपहर 3 बजे से शाम 5 बजे तक निर्धारित है।

बी आर्क (पेपर-2) के लिए प्रवेश परीक्षा 9 नवम्बर 2020 को सुबह 9 बजे से शुरू होकर तीन घंटे के बाद दोपहर 12 बजे समाप्त होगाी जबकि बीटेक तथा बी आर्क (पेपर-1) की प्रवेश परिक्षा इसी दिन  दोपहर 2 बजे से शाम 5 बजे तक आयोजित होगी।

बीएएलएलबी की प्रवेश परीक्षा 10 नवंबर को दोपहर 3 बजे से शाम 5 बजे तक होगी।

इसके अतिरिक्त एएमयू द्वारा संचालित विभिन्न स्कूलों के कक्षा छः तथा नौवीं के लिए प्रवेश परीक्षा क्रमशः 23 तथा 27 अक्टूबर को दोपहर 3 बजे से शाम 5 बजे तक निर्धारित है।मुजीब उल्लाह जुबेरी (परीक्षा नियंत्रक) ने बताया कि कोविड-19 महामारी के दृष्टिगत परिक्षा केन्द्रों की संख्या में वृद्धि, बुखार से पीड़ित छात्रों के लिए सभी केंद्रों पर आइसोलेशन रूम तथा तापमान निगरानी की सुविधा के लिए विशेष उपाय किए गए हैं।

उन्होंने कहा कि उम्मीदवारों को मास्क पहनने की सलाह दी जाती है तथा भारत सरकार के दिशा-निर्देशों के अनुरूप सामाजिक दूरी बनाये रखने का सखती से पालन किया जाएगा।

 

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