एएमयू: कोरोना जांच की सस्ती किट तैयार, 15 मिनट में रिपोर्ट लो

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कोरोना वायरस की जंग में एएमयू की अग्रणी भूमिका
एएमयू के पूर्व छात्र नदीम की मेहनत लाई रंग
एक दिन में तैयार होंगी एक लाख किट
एएमयू मेडिकल से अब तक 2500 निःशुल्क जांच
राजीव शर्मा। अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी के एक पूर्व छात्र ने कोविड-19 (कोरोना वायरस) की जांच के लिये भारत की प्रथम स्थानीय टेस्टिंग किट का निर्माण किया है, जो बहुत सस्ती है और 15 मिनट से कम समय में ही जांच का सही नतीजा बता देती है। ज्ञात हो कि विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्लूएचओ) ने सभी देशों से कोरोना वायरस की टेस्टिंग बढ़ाने की अपील की थी।
अमुवि के बायोकैमिस्ट्री विभाग के पूर्व छात्र श्री नदीम रहमान (निदेशक, नूलाइफ कंसलटेंट एण्ड डिस्ट्रीब्यूटर्स प्राइवेट लिमिटेड, नई दिल्ली)  ने देश की पहली ऐंटी बाडी पर आधारित टेस्टिंग किट तैयार की है जिस की कीमत मौजूद समय में पांच सौ रूपये है, जबकि अन्य लैब कोविड-19 की जांच के लिये लगभग 4500 रूपये चार्ज करते हैं। इस किफायती टेस्टिंग किट से देश को व्यापक स्तर पर फायदा पहुंचेगा।
देश व्यपाी तालाबंदी के दौरान रहमान को भारत सरकार के अधिकारियों ने नूलाइफ कंसलटेंट एण्ड डिस्ट्रीब्यूटर्स प्राइवेट लिमिटेड लैब को खोलने की अनुमति दी जहां उन्होंने अपनी टीम के साथ इस टेस्टिंग किट को तैयार करने में सफलता प्राप्त की।
नदीम रहमान ने बताया कि टेस्टिंग किट को मात्र दो सप्ताह के भीतर तैयार किया गया जिसे इंडियन कौन्सिल आफ मेडीकल रिसर्च ने अपनी स्वीकृति प्रदान की और शीघ्र ही व्यापक स्तर पर इसका उत्पादन प्रारंभ हो जायेगा। उन्होंने कहा कि हम आशा करते हैं कि एक दिन में हम एक लाख किट तैयार कर सकेंगे ताकि व्यापक स्तर पर कोविड- 19 की जांच हो सके।
श्री रहमान ने उत्तर प्रदेश सरकार और आईसीएमआर को धन्यवाद देते हुए कहा कि सरकार तथा आईसीएमआर ने उन पर और उनकी टीम पर विश्वास किया यह हमारे लिये गौरव एवं प्रसन्नता का विषय है। उन्होंने कहा कि अभी टेस्टिंग किट के एक सेट की लागत 500-600 रूपये आ रही है जिसमें और कमी होने की आशा है। उन्होंने कहा कि इस तेज रफतार टेस्टिंग किट की एक विशेषता यह है कि महंगे आरटी-पीसीआर टेस्टिंग किट की तुलना में यह बहुत किफायती है। इस से देश की पैथालोजी सेवाओं पर दबाव भी कम होगा क्योंकि नई किट से कोविड-19 की जांच तथा पहचान करने में तेजी आयेगी।
अमुवि कुलपति प्रोफेसर तारिक मंसूर ने कोविड-19 के विरूद्व युद्व में नदीम रहमान के बहुमूल्य प्रयास की प्रशंसा करते हुए कहा कि ‘‘हमारे लिये यह गौरव का विषय है कि अमुवि के एक पूर्व होनहार छात्र ने किफायती टेस्टिंग किट तैयार की जिसकी बहुत आवश्यकता थी क्योंकि देश में कठोर एहतियाती उपायों के बावजूद कोविड-19 के केसों में बढ़ोत्तरी देखने को मिल रही है जो चिंताजनक है।
फैकल्टी आफ लाइफ साइंसेज के डीन प्रो. कय्यूम हुसैन जिन्होंने अमुवि से बायोकैमिस्ट्री में बीएससी तथा एमसीसी करने वाले नदीम रहमान को पढ़ाया था ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि भारत में ऐंटी बाडी पर आधारित पहले टेस्टिंग किट का निर्माण जनस्वास्थय के लिये एक बहुमूल्य योगदान तथा एक बड़ी मानवीय सेवा है।
उल्लेखनीय है कि कोविड-19 के विरूद्व युद्व में अमुवि तथा उसके पूर्व छात्र अग्रणी भूमिका निभा रहे हैं। अमुवि के जवाहर लाल नेहरू मेडीकल कालिज में कोविड-19 के अब तक 2500 निशुल्क टेस्ट हो चुके हैं।

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