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एएमयू वीसी ने प्रधानमंत्री के 22 मार्च के बंद का किया समर्थन
अलीगढ़ । अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर तारिक मंसूर ने आज विश्वविद्यालय के सभी कर्मियों, छात्रों तथा देशवासियों से एक अपील द्वारा आग्रह किया है कि वह भारत के प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी द्वारा प्रस्तावित कोरोना वायरस से बचाव के एक वृहद अभियान के अन्तर्गत 22 मार्च 2020 को प्रातः 7 बजे से रात्रि 9 बजे तक स्वंय घोषित (जनता कफ्र्यू) का पालन करें तथा इस संक्रमण को रोकने के लिये अगले कुछ दिनों तक सामाजिक मेलजोल आदि के कार्यक्रमों से दूरी बनाये रखें। उन्होंने कहा कि सभी लोग 22 मार्च को सायं 5 बजे माननीय प्रधानमंत्री द्वारा सुझाए गए विभिन्न तरीकों से कोविड 19 की रोकथाम में जुटे चिकित्सा एवं अर्धचिकित्सा कर्मियों की सेवाओं की भी प्रशंसा करें।
कुलपति ने कहा है कि हम सभी को इस खतरे से निपटने के लिये एकजुट होना चाहिए जो पूरे विश्व तथा देश के लिये एक चुनौती बना हुआ है। उन्होंने कहा कि अगर हम एकजुट हों तो इस संक्रामक रोग को हराने में अवश्य सफल होंगे।
रोगियों के साथ कम लोग आये
अलीगढ़ । अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के जवाहर लाल नेहरू मेडीकल कालिज के प्रिन्सिपल तथा सीएमएस प्रोफेसर शाहिद अली सिद्दीकी द्वारा जारी अपील में कोरोना वायरस के फैलाव को रोकने के लिये अस्पताल आने वाले रोगियों से उनके साथ आने वाले तीमारदारों की संख्या को कम से कम संख्या मे ंलाने का आग्रह किया गया है। उन्होंने बताया कि जेएनएमसी अस्पताल की ओपीडी में रजिस्ट्रेशन का समय अधिकतम प्रातः 10.30 बजे कर दिया गया है। इसके अतिरिक्त ऐसी शल्य चिक्त्सिाऐं भी बन्द कर दी गयीं हैं जो अनिवार्य नहीं हैं।
प्रोफेसर सिद्दीकी ने बताया कि अस्पताल के विभिन्न विभागों जैसे ओपीडी, एचडीयू, आईसीयू, ट्रामा आदि में एन-95 तथा सर्जिकल मास्क की पर्याप्त उपलब्धता को सुनिश्चत बनाया गया है तथा बुखार से सम्बन्धित प्रकोष्ठ के स्टाफ के लिये व्यक्तिगत सुरक्षात्मक उपकरण उपलब्ध कराए गये हैं।
नजमुम बायोमेडिकल साइंसेज के फैलो
अलीगढ़ । अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के जवाहर लाल नेहरू मेडीकल कालिज के बायोकैमिस्ट्री विभाग के प्रोफेसर नजमुल इस्लाम को इंडियन एकेडमी आफ बायोमेडीकल साइंसेज, लखनऊ का फैलो चयनित किया गया है। प्रोफेसर इस्लाम इस संस्था के 2015 में अध्यक्ष रह चुके हैं।
वर्तमान में वह अमुवि टीचर्स एसोसिएशन के मानद् सचिव भी है। प्रोफेसर इस्लाम गत 28 वर्षों से शैक्षणिक एवं शोध कार्यों में लगे हैं तथा वह पूर्व में एम्स नई दिल्ली तथा केस वेस्टर्न रिजर्व यूनिवर्सिटी क्लीवलैंड, ओहायो अमरीका के स्कूल आफ मेडीसिन के पोस्ट डोक्टोरल फेलो भी रह चुके हैं। उनके शोध पत्रों को अन्तर्राष्ट्रीय शेाध पत्रिकाओं में लगभग 1700 बार सन्दर्भित किया जा चुका है।
पत्रिका और चित्रों का संग्रह 
अलीगढ़ । अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के इतिहास विभाग के सेंटर फार एडवांस्ड स्टडी को आर्केलोजिकल सर्वे आफ इंडिया के आगरा सर्किल के पूर्व सुप्रिंटेंडेंट आर्केलोजिस्ट इंचार्ज तथा रामपुर रजा लाइब्रेरी के पूव निदेशक डा. वकार हसन सिद्दीकी के परिवार की ओर से पुस्तकों, पत्रिकाओं, मानचित्रों, प्रस्तावों, स्लाइड तथा चित्रों का एक संग्रह भेंट किया गया है।
इतिहास विभाग के अध्यक्ष प्रोफेसर सैयद अली नदीम रेजावी ने बताया है कि इस संग्रह को विभाग के आर्केलोजिकल सेक्शन में रखा गया है। जिसके नये भवन का उद्घाटन हाल ही में कुलपति प्रोफेसर तारिक मंसूर ने आईसीएचआर नई दिल्ली के अध्यक्ष प्रोफेसर ए जमखेडकर तथा प्रोफेसर इरफान हबीब की उपस्थिति में किया था। गत कुछ महीनों में आर्केलोजिकल सेक्शन को अन्य कई सोर्सेज़ से लगभग 200 पुरातात्विक संग्रह प्राप्त हुए हैं जिनका सम्बन्ध 10वीं तथा 11वीं शताब्दी के जैन, वैष्णव तथा शिवकाल से है।
उन्होंने बताया है कि आर्केलोजिकल सेक्शन ने हाल ही में अपने संग्रहों के सम्बन्धित एक समाचार बुलेटिन तथा केटलाग का प्रकाशन किया है तथा 1968 में इसकी स्थापना से पहली बार छात्रों के लिये एक सप्ताह पर आधारित वर्कशाप का आयोजन किया गया है।
स्वास्थ्य की जांच जरूरी
अलीगढ़ । अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के डाक्टर जेडए डेंटल कालिज के पीरियोडोंटिक्स एवं पब्लिक हैल्थ डेंटिस्ट्री विभाग के तत्वाधान में वल्र्ड ओरल हैल्थ डे के अवसर पर एक जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। जागरूकता कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए कालिज के प्रिन्सिपल प्रोफेसर आरके तिवारी ने ओरल हैल्थ से सम्बन्धित विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर प्रकाश डाला। कार्यक्रम में बताया गया कि शारीरिक स्वास्थय के लिये मौखिक स्वास्थय आवश्यक है।
इस अवसर पर कोरोना वायरस से बचाव के उपायों पर ओपीडी रोगियों से प्रश्न पत्र भरवाकर उनकी स्क्रीनिंग की गई तथा उन्हें हाथ धोने के सही तरीके के बारे में बताया गया। रोगियों को बताया गया कि वह संवेदनशील स्वास्थय कारणों से ही अस्पताल आयें तथा अनावश्यक कारणों से अस्पताल का दौरा न करें।
इस अवसर पर विभागाध्यक्ष प्रोफेसर अफशां बी, प्रोफेसर एनडी गुप्ता, डा. एमके जिन्दल, डा. नेहा अग्रवाल तथा डा. प्रमोद कुमार यादव भी उपस्थित थे। इंटर्न सिदरा आजम, हिमानी गुप्ता, सलोनी चैधरी, इसरा अहमद, सानिया इसहाक, सलमा नुसरत तथा असवद खान ने कार्यक्रम के आयोजन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

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