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अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के जवाहर लाल नेहरू मेडिकल कालिज में गत दिवस एक 72 वर्षिय कोविड-19 रोगी को पहली बार प्लाज़मा थैरेपी प्रणाली से दो यूनिट रक्त चढ़ाया गया।
इसकी जानकारी देते हुए जे०एन० मेडिकल कालिज के प्रिंसिपल प्रोफेसर शाहिद अली सिद्दीकी ने बताया कि मधुमेह रोग से ग्रस्त इस व्यक्ति को नगर के दीन दयाल अस्पताल से स्थानांतरिक किया गया था तथा प्रोफेसर शादाब अहमद एवं प्रोफेसर राकेश भार्गव के नेतृत्व में चिकित्सकों की एक टीम ने इस रोगी पर प्लाज़मा थैरेपी करने का निर्णय लिया।
अमुवि कुलपति प्रोफेसर तारिक मंसूर ने कहा कि प्लाज़मा थैरेपी के विश्वविद्यालय ने जे०एन० मेडिकल कालिज में एक नई मशीन स्थापित की है तथा यह हर्ष का विषय है कि अब मेडिकल कालिज में प्लाज़मा थैरेपी प्रारंभ हो गई है। उन्होंने कहा कि इस प्रणाली से कोविड-19 रोगियों में मृत्यु दर में कमी आयगी।
कुलपति ने कहा कि जे०एन० मेडिकल कालिज को पश्चिमी उत्तर प्रदेश में उच्च स्तरीय चिकित्सा केन्द्र होने का श्रेय प्राप्त है तथा यहां कोविड-19 रोगियों के स्वस्थ होने की दर 80 प्रतिशत से अधिक है। उन्होंने कहा कि जे०एन० मेडिकल कालिज में अब तक लगभग 50 हज़ार कोविड जांच की जा चुकी है।
ऑन लाइन रोजगार मेला 10 अगस्त से
अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के ट्रेनिंग एण्ड प्लेसमेंट ओफिस की तत्वाधान में आगामी 10 अगस्त से रेक्रू-फाई के शीर्षक से सात दिवसीय आनलाइन रोजगार मेले का आयोजन किया जा रहा है। जिसके लिए 1500 सौ से अधिक छात्रों ने पंजीकरण कराया है।
अमुवि टी0पी0ओ0 साद हमीद ने बताया कि इस जाब मेले का आयोजन इनेबिल कैरियर्स के सहयोग से किया जा रहा है, जिसमें 24 कम्पनियों के भाग लेने की आशा है। उन्होंने कहा कि विभिन्न पाठ्यक्रमों के अमुवि छात्रों ने इसके लिए अपना पंजीकरण कराया है।
कार्यक्रम समन्वयक डा0 जहाॅगीर आलम ने बताया कि अमुवि कुलपति प्रोफेसर तारिक मंसूर इस रोजगार मेले के उद्घाटन सत्र की अध्यक्षता करेंगे जब कि डी0एल0एफ0 के सीनियर एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर श्री ब्रिज नंदन यादव मुख्य अतिथि तथा इमामी सीमंेट के वाइस प्रेसीडेंट तथा हैड एच0आर0 श्री समर बनर्जी मानद् अतिथि होंगे।
असिस्टेंट टी0पी0ओ0 डा0 मुजम्मिल मुश्ताक ने कहा कि रोजगार मेले में छात्रों का इंटरव्यू तथा असेस्मेंट आनलाइन होगा तथा इनेबिल कैरियर्स की ओर से तकनीकी सर्पोट प्रदान किया जायेगा।
कार्यक्रम में सी0वी0 की तैयारी, इंटरव्यू तथा रोजगार संबंधी अन्य कौशल के विकास के लिए वर्कशाप भी आयोजित किये जायेंगे।
ऑनलाइन ओपीडी
अलीगढ़  मुस्लिम विश्वविद्यालय के जवाहर लाल नेहरू मेडीकल कालिज के मनोरोग चिकित्सा विभाग द्वारा आनलाइन ओ0पी0डी0 प्रारंभ किया गया है, जिसमें चिकित्सकों से परामर्श के लिए मनोरोगी पूर्व में जारी मोबाइल नम्बर के स्थान पर अब नये मोबाइल नम्बर 7455041633 पर प्रातः 10 बजे से दोपहर 12 बजे के बीच संपर्क कर सकते हैं।
विभागाध्यक्ष प्रोफेसर आर0के0 गौड ने बताया कि सोमवार तथा बुद्धवार को प्रोफेसर एस0ए0 आजमी, मंगलवार तथा शनिवार को प्रोफेसर आर0के0 गौड तथा बृहस्पतिवार एवं शुक्रवार को डा0 मुहम्मद रियाजउद्दीन उक्त फोन नम्बर पर चिकित्सा परामर्श प्रदान करेंगे।
प्रोफेसर रफीउद्दीन ईसी नामित
 अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के मुहम्मद हबीब हाल के प्रोवोस्ट प्रोफेसर रफीउद्दीन को वरिष्ठतम प्रोवोस्ट होने के आधार पर अमुवि की एग्जीक्यूटिव कौंसिल का सदस्य नामित किया गया है। उनकी नियुक्ति के आदेश तत्काल प्रभाव से प्रभावी हो गये हैं।
जब कि बी0बी0 फातमा हाॅल की प्रोवोस्ट प्रोफेसर गजाला परवीन को वरिष्ठताक्रम में ऐकेडमिक कौंसिल का दो वर्ष के लिए सदस्य नामित किया गया है।
मोहम्मद अली जौहर उर्दू विभाग के चेयरमैन
अलीगढ़  मुस्लिम विश्वविद्यालय के उर्दू विभाग के प्रोफेसर मुहम्मद अली जौहर  उर्दू विभाग के नए अध्यक्ष होंगे। प्रोफेसर मुहम्मद अली जौहर 10 अगस्त को वर्तमान अध्यक्ष प्रोफेसर जफर अहमद से अध्यक्ष पद का कार्यभार ग्रहण करेंगे। उनका कार्यकाल तीन वर्ष के लिए होगा। प्रोफेसर मुहम्मद अली जौहर एम0एम0 हाल प्रोवोस्ट भी हैं।

पुरस्कृत घोषित
अलीगढ़  मुस्लिम विश्वविद्यालय के अजमल खान तिब्बिया कालिज के अमराज-ए-निसवां-वा-अतफाल विभाग द्वारा आनलाइन स्तनपान सप्ताह के तहत आयोजित पोस्टर मेकिंग एण्ड स्लोगन राइटिंग प्रतियोगिता में 2016 बैच के मुहम्मद मुशफिक ने प्रथम, 2017 बैच की सुबूही अख्तर ने द्वितीय तथा 2016 बैच की इबतिसाम अनवर ने तृतीय पुरूस्कार हासिल किया। जब कि आयशा रज़ी और मदीहा इरम ने सांत्वना पुरूस्कार हासिल किया।
विभाग की अध्यक्ष प्रोफेसर सुबूही मुस्तफा ने बताया कि कोविड-19 महामारी के दृष्टिगत छात्र-छात्राओं के लिए आनलाइन पोस्टर मेकिंग एवं स्लोगन लेखन प्रतियोगिता का आयेाजन किया गया जिसमें बड़ी संख्या में छात्र-छात्राअें ने भाग लिया। कार्यक्रम के आयेाजन में विभाग के शिक्षकों प्रोफेसर सैयदा आमिना नाज, डा0 दीवान इसरार खान, डा0 एम0 अनस, डा0 फहमीदा जीनत और डा0 अबीहा ए0 खान ने सक्रिया भूमिका निभाई।
पौधरोपण किया
अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के जीव विज्ञान संकाय में वृक्षारोपण कार्यक्रम आरंभ किया गया जिसमें संकाय परिसर में जीव विज्ञान संकाय के डीन प्रोफेसर वसीम अहमद, संकाय के पूर्व डीन प्रोफेसर कय्यूम हुसैन, लैंड एण्ड गार्डन के एम0आई0सी0 प्रोफेसर जकी अनवर सिद्दीकी तथा बायोकैमिस्ट्री विभाग के अध्यक्ष प्रोफेसर मुहम्मद ताबिश ने पौधे लगाये।
प्रोफेसर वसीम अहमद ने बताया कि स्वच्छ एवं प्रदूषण मुक्त वातावरण के लिए पेड़ लगाना बहुत आवश्यक है। उन्होंने कहा कि भविष्य में संकाय के आस-पास और पौधे लगाये जायेंगे।
बिजली आज के लिए जरूरत
अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी के इलैक्ट्रिसिटी विभाग के प्रभारी डा0 मुहम्मद रेहान ने ग्रीन ऊर्जा के महत्व पर प्रयागराज विश्वविद्यालय द्वारा आयोजित अंतर्राष्ट्रीय कांफ्रेंस में व्याख्यान देते हुए कहा कि बिजली आज जीवन की एक बड़ी आवश्यकता बन गई है इसलिए आवश्यक है कि पारम्पारिक संसाधनों की बजाय अब आधुनिक वैकल्पिक ऊर्जा को अधिक से अधिक प्रयोग में लाया जाये ताकि पयर्वारण संतुलन को बनाये रखा जा सके।
उन्होंने अस्थाई उन्नति के लिए सौर ऊर्जा के प्रयोग का उल्लेख करते हुए ए0एम0यू0 में अपनाये गये माॅडल पर भी चर्चा की। उन्होंने देश के शिक्षण संस्थानों में सौर ऊर्जा के प्रयोग की आवश्यकता पर भी बल दिया।
लोक अदालत जरूरी
विधि संकाय अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के अधिष्ठाता प्रोफेसर शकील अहमद समदानी ने एम०एस० खन्ना महिला महाविधयालय, प्रयागराज में आयोजित अंतर्राष्ट्रीय ई-कांफ्रेंस में “सस्टेनेबिलिटी चेलेंजेज़ एण्ड ट्रांसफोरमिंग अपोरचयूनिटीज़ एमिड्स्ट कोविड-19” विषय पर आयोजित आंतर्राष्ट्रीय ई-कांफ्रेंस की अध्यक्षता की। इस कांफ्रेंस में श्री थामस पी० वेलेंटी एर्टोर्नी आर्बीटरेट, शिकागा, आई०एल०यू०एस०ए० ने कांफें्रस के संबोधित किया।
अपने अध्यक्षीय भाषण में प्रोफेसर शकील समदानी ने कहा कि वैकल्पिक विवाद समाधान (ए०डी०आर०) न्यायलय के बाहर विवाद समाधान की एक सरल तकनलीक है जो भारत में प्राचिन काल से चला आ रहा है। मध्युगीन काल में भी विवादों का समाधान इस तकनीक से होता था और आज़ादी के बाद भी लोक अदालत के जरिये यह प्रक्रिया विवादों को निपटाने में सहायक है। प्रोफेसर समदानी ने आगे कहा कि वैश्विक महामारी के इस दौर में जब अदालतें ठीक से नहीं खुल पा रहीं है तो (ए०डी०आर०)   का महत्व बढ़ गया है।
पिछले दो दशक में भारत ही नही बल्कि पूरे विश्व में (ए०डी०आर०) ने महत्वपूर्ण स्थान हासिल कर लिया है। प्रोफेसर डा0 लालिम सिंह, कांफ्रेंस डायरेक्टर एवं प्रिंसपिल ने मेहमानों का स्वागत किया।

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