किसान और व्यापारियों को मिल सकती है राहत

0
171

राजीव शर्मा। सरकार किसान और व्यापारियों को लॉक डाउन में राहत दे सकती है। खासकर उन जिलों में जहां कोरोना वाइरस का एक मामला भी नही आया है। सम्भावना है खेती, मत्स्य पालन और फार्मा उद्योग को इस लॉकडाउन से राहत दी जा सकती है।

अधिकारियों ने मंगलवार को बताया कि ऐसे जिलों में जहां कोरोना वायरस का कोई मामला नहीं है वहां हाईवे ढाबा, ट्रक रिपेयरिंग की दुकानों और स्थानीय मजदूरों को लेकर निर्माण कार्य को अनुमति दी जा सकती है।

14 अप्रैल को इस लॉकडाउन की अवधि समाप्त होनी थी, लेकिन प्रधानमंत्री ने देश में बढ़ते कोरोना वाइरस को देखते हुए इस लॉकडाउन को तीन मई तक के लिए बढ़ा दिया। लॉकडाउन के दौरान दी जाने वाली राहतें 20 अप्रैल से लागू की जाएंगी।

केंद्रीय गृह मंत्रालय के अधिकारी दिशानिर्देशों को तैयार करने में व्यस्त हैं जो विस्तारित लॉकडाउन के कार्यान्वयन और इस दौरान दी जाने वाली छूट के लिए व्यापक मापदंडों को पूरा करेंगे। सूत्र बताते हैं कटाई और बुवाई की गतिविधियों को सोशल डिस्टेंसिंग के नियमों के पालन के साथ अनुमति दी जाएगी। फार्मा उद्योग, मत्स्य पालन, हाईवे पर स्थित ढाबा, ट्रक रिपेयर करने वाली दुकानों को भी राहत होगी।

शराब की दुकानों पर भी हो सकता है फैसला,

राजस्व शराब की बिक्री से आता है इसलिए माना जा रहा है कि बुधवार को जारी होने वाले निर्देशों में आबकारी नीतियां तय करने की अनुमति राज्यों को होगी।  11 अप्रैल को प्रधानमंत्री मोदी और मुख्यमंत्रियों की कॉन्फ्रेंस में कुछ मुख्यमंत्रियों ने शराब की दुकानें खोलने के पक्ष में आवाज रखी थी क्योंकि यह राजस्व जुटाने का एक मुख्य जरिया है।

 

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here