चाणक्य कथन

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बड़ी मंजिल तभी मिलती है जब व्यक्ति किसी भी सूरत में अपना हौंसला नहीं खोता है. बाधाएं आने पर धैर्य के साथ आगे बढ़ता रहता है. गलतियों से सीखते हुए बिना हौंसला खोए जो आगे बढ़ता जाता है वही सफलता का आनंद उठाता है. इस लिए हौंसले को कभी कम नहीं होने देना चाहिए. यही वो गुण है जो अंधेरे में रोशनी दिखाने का काम करता है।

जीवन संघर्षों का नाम है. संघर्षों से लड़ते हुए जो व्यक्ति बिना धैर्य खाए आगे बढ़ता रहता है वही व्यक्ति जीवन में बुलंदियों को छूता है।

जो व्यक्ति संकटों और संघर्षों से नहीं घबराता है और बाधाओं के आने पर धैर्य नहीं खोता है ऐसे व्यक्ति सफलता की कहानियां लिखते हैं. लेकिन सफलता की कहानी लिखने के लिए व्यक्ति में कुछ विशेष गुणों का होना बहुत ही जरूरी है.

हर व्यक्ति सफलता की इबारत नहीं लिखते हैं. वो ही व्यक्ति सफल होते हैं जिनमें कुछ विशेष बात होती है, यही वो चीज है जो सफल व्यक्ति को दूसरों से अलग बनाती है।

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