झगड़ा निपटाने गये दरोगा शहीद, सीएम ने जताया शोक

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खंदौली के गांव नहर्रा में बुधवार शाम विवाद के निपटारे को गये दरोगा प्रशांत कुमार की गोली मारकर हत्या कर दी। गांव में विवाद दो भाई विश्व नाथ ओर शिवनाथ के बीच आलू खुदाई को लेकर था। झगड़े की सूचना पर दरोगा सिपाही चंद्रसेन के साथ आए थे। तभी विश्वनाथ को पकड़ने लगे। उसने तमंचे से गोली मार दी।। घटना के बाद आरोपी भाग निकला।मुख्यमंत्री ने सब इंस्पेक्टर के परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए सरकार की ओर से दी जाने वाली सहायता मुहैया कराने के निर्देश दिए हैं। इसके तहत शहीद पुलिस कर्मी के परिजन को 50 लाख रुपये, परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी और शहीद पुलिस सब इंस्पेक्टर के जिले में एक सड़क के निर्माण कराया जाएगा। उन्होंने कहा शोक की इस घड़ी में सरकार शहीद के परिजनों के साथ है। प्रदेश सरकार शहीद के परिजनों को हर संभव मदद देगी।

पुलिस ने बताया कि गांव नहर्रा निवासी विजय सिंह पहलवान के दो बेटो विश्वनाथ और शिवनाथ के बीच खेत को लेकर काफी समय से विवाद चल रहा है। विजय सिंह ने पत्नी को छोड़ रखा है। बड़ा बेटा शिवनाथ पिता के साथ रहता है। वहीं छोटा विश्वनाथ मां के साथ रहता है। विजय के खेत के तीन हिस्से हुए हैं। एक हिस्सा विजय के पास है। इस पर शिवनाथ ने खेत में आलू की फसल की थी।
बुधवार को विश्वनाथ ने पिता के खेत से आधा आलू मांगा। कहा कि यह मां के हिस्से का है। दोनों भाइयों के बीच सुबह विवाद हो गया। सूचना पर पुलिस पहुंच गई। इस पर आलू की खुदाई होने लगी। पुलिस की भी मौजूदगी रही। तब कोई विवाद नहीं हुआ। शाम के समय विश्वनाथ पहुंच गया। उसने तमंचा लेकर मजदूरों को धमकाना शुरू कर दिया। शाम तकरीबन सात बजे दरोगा प्रशांत कुमार और सिपाही चंद्रसेन बाइक से गांव पहुंचे। खेत में विश्वनाथ के हाथ में तमंचा देखकर पीछे दौड़ लग दी। वह भागने लगा। मगर, दरोगा पीछा करते रहे। इस पर विश्वनाथ ने गोली चला दी। दरोगा की मौत हो गई। इसके बाद आरोपी भाग गया। घटना के बाद ग्रामीण भी भाग निकले।

  • चंद्रसेन की सूचना पर थाना की फोर्स पहुंची। दरोगा को अस्पताल लेकर गई, जहां उन्हें मृत घोषित कर दिया गया। सूचना पर एडीजी राजीव कृष्ण, आईजी रेंज ए सतीश गणेश, एसएसपी बबलू कुमार मौके पर पहुंच गए। एसएसपी ने बताया कि आरोपी की गिरफ्तारी के प्रयास किए जा रहे हैं।
    प्रशांत कुमार यादव मूलरूप से बुलंदशहर के रहने वाले थे। वह वर्ष 2015 बैच के दरोगा थे। वह बड़े ही शांत स्वभाव के थे।

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