महामारी में सरकारी योजना पूंजीपतियों की: राजेश सैनी

0
110

अलीगढ़, समाजवादी पार्टी पिछड़ा वर्ग प्रकोष्ठ के प्रदेश सचिव राजेश सैनी ने कहा कि इस कोरोना महामारी से मुकाबला करने के लिए देश व प्रदेश की सरकार ने तमाम योजनाएं और घोषणाएं और नियम लागू किए उन सभी नियमों में खुलकर देखने को मिला कि सारे नियम पूजी पतियों को लाभ पहुंचाने वाले रहे हैं। लोक डाउन से पूर्व केंद्र भाजपा सरकार द्वारा घोषणा किया जाना की 3 महीने की बैंक ईएमआई, स्कूल फीस, मकान, दुकान के किराये में राहत दी जायेंगी।तथा प्राइवेट सेक्टर के कर्मचारियों को निरंतर 3 महीने तक फैक्ट्री दुकान मालिक इत्यादि वेतन का भुगतान करेंगे लेकिन ऐसा देखने को कहीं नहीं मिला सरकार जनता की अगर हितेषी होती तो वास्तविकता में बिजली का बिल कम से कम स्कूलों की फीस माफ़ और गरीब कर्मचारी मजदूरों को उनका वेतन दिलवाने की पैरवी करती है। जबकि इसके उलट सरकार ने डीजल पेट्रोल घरेलू गैस इत्यादि के दामों में वृद्धि कर और जनता को महंगाई की मार ने धकेलने का काम किया है सैनी ने आगे कहा कि सरकार के कोरोनावायरस से लड़ने के तमाम दावे नाकाफी साबित हुए हैं वहीं सरकार के द्वारा कोरोना का उपचार प्राइवेट नर्सिंग होम इत्यादि मैं करने के निर्देश देकर आम आदमी को झकझोर कर रख दिया है हॉस्पिटल की फीस भी सरकार द्वारा एक मोटी रकम के रूप में निर्धारित की गई है कम से कम ₹15 हजार प्रतिदिन अधिकतम ₹35 हजार प्रतिदिन के हिसाब से बीमार लोगों का उपचार किया जाएगा । सरकार की इस नीति से स्पष्ट होता है कि सरकार आम आदमी को किसी भी तरह की राहत देने का काम करना नहीं चाहती। उन्होंने कहा कि लॉक डाउन के दौरान गरीब मजलूम जरूरतमंदों को खाद्य सामग्री वितरण कर रहे समाजवादी पार्टी एवं के अन्य दलों के कार्यकर्ताओं पर मुकदमा पंजीकृत करके उनका मनोबल तोड़ने का काम भी भाजपा की सरकार ने बड़े पैमाने पर किया है । जबकि सत्ता से जुड़े विधायक और सांसद अपने घरों में बैठे हैं जनता के सुख दुख की बात विधायक सांसदों ने नहीं पूछी यदि विधायकों और सांसदों को कोरोना वायरस से इतना ही खतरा है तो क्यों ना भाजपा के विधायक सांसद कोरोना वायरस काल के चलते नैतिकता के आधार पर यह कहते हुए इस्तीफा दे दें कि वह कोरोना काल में जनता के बीच काम करने में असमर्थ हैं जब कोरोना कॉल खत्म हो जाए तो फिर वह विधायक सांसद पुनः चुनाव मैदान में उतर आए जनता उनको दोबारा से अपनी सेवा करने का मौका शायद उन्हें दे दें।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here