महाराष्ट्र सरकार ने तबलीगी जमात कार्यक्रम किया था रद्द

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राजीव शर्मा।  दिल्ली के हजरत निजामुद्दीन की तर्ज पर मुंबई से सटे वसई में भी 14 और 15 मार्च का प्रस्तावित तब्लीगी जमात का कार्यक्रम महाराष्ट्र सरकार के गृह विभाग की सतर्कता से अनुमति रदद् कर दी गई। इससे कार्यक्रम नहीं हुआ।सरकार की सतर्कता से एक बड़ा खतरा टल गया। महाराष्ट्र के गृहमंत्री अनिल देशमुख ने गुरुवार को यह जानकारी दी।
गृहमंत्री देशमुख ने बताया कि 14 सेे 15 मार्च तक तब्लीगी जमात का कार्यक्रम वसई के दिवानमान गांव के पास प्रस्तााावि था। इसमें 50 हजार से ज्यादा लोग आ सकते थे। कार्यक्रम के लिए शमीम एज्युकेशन एंड वेल्फेयर सोसायटी ने पालघर के पुलिस अधीक्षक गौरव सिंह से इजाजत मांगी थी।

निवेदन में कहा गया था कि इस धार्मिक कार्यक्रम में कुरआन का पाठ, प्रवचन, और नमाज आदि किए जाएंगे।  सोसायटी की विनती पर पुलिस की ओर से 5 फरवरी 2020 को तब्लीगी जमात के कार्यक्रम की इजाजत भी दे दी गई थी, लेकिन इसी बीच देश और महाराष्ट्र में कोरोना वायरस से संक्रमित लोगों की पता चला।

कई संदिग्धों को क्वारंटीन किया गया तो कई संक्रमित को अस्पताल में भर्ती कर उनका इलाज शुरू किया गया। ऐसी स्थिति में 50 हजार लोगों के इकट्ठा होने से कोरोना वायरस के संक्रमण का खतरा बढ़ सकता था। इसलिए 6 मार्च को तब्दीली जमात के धार्मिक कार्यक्रम के लिए दी गई अनुमति रद्द कर दी गई।

गृहमंत्री अनिल देशमुख ने कहा कि अगर समय रहते इस पर सावधानी नहीं बरती गई होती तो मुंबई में भी दिल्ली जैसी परिस्थिति उत्पन्न हो सकती थी। दिल्ली में हुए तब्लीगी मरकज से पूरे देश में हलचल मच गई है। इस धार्मिक कार्यक्रम में शामिल हुए लोगों के संपर्क में आने पर अनेकों लोग कोरोना वायरस से संक्रमित हुए हैं, जिससे मरीजों की संख्या में वृद्धि होने की संभावना है।

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