वीडियो । लॉक डाउन: अलीगढ़ में टीवी इलाज के अभाव में गरीब की मौत

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राजीव शर्मा। कोरोना वाइरस अन्य बीमारियों से ग्रसित गरीब परिवार पर भी काल बन गया है। अलीगढ़ में पांच बेटियों ने पिता को कंधे पर रखकर श्मशान घाट पर अंतिम संस्कार किया।

संजय की पांच बेटियां है। वह चाय बेचकर परिवार का पालन कर रहा था। लॉक डाउन में संजय की टीबी की बीमारी गंभीर हो गई। पिछले छह महीने से सरकारी अस्पातल से टीबी की दवा से अपना जीवन यापन कर रहा। लॉकडाउन में इलाज मिलना मुश्किल हो गया। चाय की दुकान से संजय परिवार ही पाल पा रहा था। छह महीने से मकान का किराया भी नहीं दे सका। बन्ना देवी थाने के पीछे ही संजय की चाय की दुकान है.परिवार में पत्नी व पांच लड़कियां है, एक लड़की की शादी ही कर सका था.वहीं जब बीमारी का मर्ज बढ़ा तो संजय की जान चली गई. शनिवार को अंतिम यात्रा के समय बेटियों ने कंधा दिया.ये नजारा देखकर सभी की आंखे नम थी.

पारिवारिक सदस्य नरेन्द्र ने बताया कि छह महीने पहले टीबी बीमारी का पता चला.परेशानी बढ़ने पर जिला अस्पताल से टीबी की दवा ले रहे थे.लेकिन लाक डाउन में डाक्टर नहीं मिले. जो जांच करते.या फिर इलाज से दुरुस्त रखते . संजय की हालत बिगड़ी तो 45 साल में ही जीवन की डोर टूट गई. एक बेटी काजल का ब्याह कर सका था. वहीं राधा,मौनी , प्रियांशी, ज्योति के सिर से पिता का साया चला गया.संजय की बीमारी के बाद से चारों बहनों का स्कूल जाना बंद है.चाय की दुकान पर लाक लग गया है. पत्नी अंजू के सामने दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है.मकान का किराया व लड़कियों के भविष्य की चिंता सामने है.ऐसे परिवार के लिये सरकार कई योजनाएं चला रही है.लेकिन कोई भी योजना अंजू के दरवाजे तक नहीं पहुंची.इस लाक डाउन में कुछ दिन तक तो राहत सामग्री मिल जायेगी. लेकिन बिना सरकारी मदद के परिवार का जीवन यापन संकट में रहेगा।

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