स्वार्थ की राजनीति ने रोका विकास का पहिया

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कुछ राजनेताओं ने स्वार्थ की आड़ में विकास की गति धीमी कर दी है। इस तरह की नीति गांव से लेकर राष्ट्रीय स्तर पर हुई है और अब भी की जा रही है। विकास की गति का मामला जिला स्तर का देखा है। हाथरस में तत्कालीन डीएम डॉ। पिंकी जोवल ने केंद्रीय विद्यालय के लिए जमीन चिह्नित कर दी। महामाया पॉलिटेक्निक के लिए भी जमीन को ढूंढ लिया गया। यह सासनी तहसील के गांव सुसायत कलां की खतौनी में दर्ज है। जमीन 15 साल से नेशनल हाईवे 93 पर मौजूद है। इसके बाद भी केंद्रीय विद्यालय खंडर मैदान में चल रहा है। अब प्रदेश सरकार हर जिले में मेडिकल कालेज खोलने जा रही है। इसके लिए जमीन तलाशने का काम शुरू हो गया है। मरीज आसानी से मेडिकल कॉलेज तक पहुंचने चाहिए। राजनेताओं का सुविधाओं पर कम अपने स्वार्थ पर ध्यान केंद्रित किया जा रहा है। इसलिए सभी जनप्रतिनिधियों ने अपने विधानसभा पर ध्यान केंद्रित किया है।

आत्म की राजनीति ने ली 44 जान

राष्ट्रीय स्तर पर राजनेताओं का विकास से पहले स्वार्थ पर ध्यान केंद्रित किया जा रहा है। सीएए आंदोलन की आड़ में विकास और भी पीछे चला गया है। एक हेड कांस्टेबल और एक आईबी कर्मी सहित 44 लोगों की जान चली गई। लोगों को भड़काने की शुरुआत कांग्रेस की नेता द्वारा की गई थी। फिर अन्य सभी प्रमुखों ने तरह तरह की अफवाह फलाई। दिल्ली और अन्य राज्यों में खरबो की खाक हुई सरकार और गैर सरकारी सम्पत्ति की भरपाई करना आसान नहीं होगा।

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